Love Shayari

Love Shayari

मोहब्बत लिबास नही जो बदला जाए,
मोह्ब्बत कफन की तरह है जो एक बार पहन कर उतारा नही जाता

मोहब्बत ठंड जैसी है,
अगर लग जाये तो बीमार कर देती है..

ऐ खुदा मुझे जब बनाए
थोड़ी सी मिट्टी उसकी मिला देना
तू मुझे उसका नही बना सकता
तो उस जैसा मुझे बना देना

जब तुम पास होती हो तब समय को,
हथकड़ी लगाने का मन करता है.

एक शाम आती हैं तुम्हारीयाद लेकर एक शाम जाती हैं तुम्हारीयाद देकर
पर मुझे तो उस शाम का इंतज़ार है जो
आए तुम्हें साथ साथ लेकर …

अदा से देख लो जाता रहे गिला दिल का 
बस इक निगाह पे ठहरा है फ़ैसला दिल का 

प्यार के लिये. दो पल कम नहीं थे
कभी हम नहीं थे..कभी तुम नहीं थे

काश यह शाम कभी ढले ना
काश यह शाम मोहब्बत की रूके ना
हो जाए दिल की सारी चाहते पूरी,
और दिल की चाहत कोई बचे ना!

अंदाजा नहीं था इतनी गहरी चाहत होगी तुम्हारी…
जरा सा तुम्हारे दिल में क्या उतरे डूबते चले जा रहे हैं…

उन आँखों की झपकियों को भी,
सौ दफा सलाम है,
जिन आँखों की पलकों के नीचे,
मेरी चाहत पनाह लेती है।

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