Love Shayari

Love Shayari

एक अजनबी से मुझे इतना प्यार क्यों है ,
इनकार करने पर चाहत का इकरार क्यों है ,
उसे पाना नहीं मेरी तक़दीर में शायद ,
फिर उसी मोड़ पर उसी का इंतज़ार क्यों है

दिल ये मेरा तुमसे प्यार करना चाहता हैं….
अपनी मोहब्बत का इज़हार करना चाहता है
देखा हैं जब से तुम्हे मेने मेरे ए-सनम…
सिर्फ तुम्हारा ही दीदार करने को दिल चाहता हैं

फूल खिलते रहे आपकी ज़िन्दगी की राहो में,
हंसी चमकती रहे आपकी निगाहों में
कदम कदम पर मिले खुशियाँ आपको,
दिल देता हैं यही दुआ बार बार आपको

मेरी बस एक तमन्ना थी जो हसरत बन गयी,
कभी तुमसे दोस्ती थी अब मोहब्बत बन गयी,
कुछ इस तरह शामिल हुए तुम ज़िन्दगी में की,
सिर्फ तुझे ही सोचते रहना मेरी आदत बन गयी

मेरे_से पूछती हैं किस्मत” होती है क्या..
अभी किस्मत न होती तो बता तुम मुझे कैसे मिलती..

निगाह उठे तो सुबह हो झुके तो शाम हो जाये
वो एक बार मुस्कुरा भी दे तो कत्लेआम हो जाये

तेरे होठों पे हो बस मुस्कान,
ऐसा में कुछ आज करू,
ना होने दू कभी मोहब्बत कम
इतना जी भर कर तुझे प्यार करू

मेरा हर ख्वाब आज हकीकत बन जाये,
जो हो बस तुम्हारे साथ ऐसी जिन्दगी बन जाये,
हम लाये लाखो में एक गुलाब तुम्हारे लिए,
और ये गुलाब मोहब्बत की शुरुआत बन जाये

यु तो मेरी रूह तलक को छू चुके हो तुम,
फिर भी माथे को चूमना सुकून दे जाता हैं.

​इन आँखों को जब तेरा दीदार हो जाता है
दिन कोई भी हो लेकिन त्यौहार हो जाता है

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