Propose Day Shayari

Propose day shayari

उस अश्क की तासीर से अल्लाह बचाये,जो अश्क आँखों में रहे और न बरसे।
उठा कर चूम ली हैं चंद मुरझाई हुई कलियाँ,तुम न आये तो यूँ जश्न-ए-बहारां कर लिया मैंने।
अगर मुझे पता है कि प्यार क्या है क्योंकि यह आप में से एक है। प्यार नामक इस अद्भुत भावना के लिए धन्यवाद।
कमजोर हुए अश्कों से घर के दरो-दीवार,रोने के लिये लेंगे किराए का मकाँ और।
कभी किसी का जो होता था इंतज़ार हमें,बड़ा ही शाम-ओ-सहर का हिसाब रखते थे।
मैं आपका पसंदीदा हैलो और आपका सबसे अच्छा अलविदा बनना चाहता हूं। हैप्पी प्रपोज डे!
दिन रात की बेचैनी है, ये आठ पहर का रोना है,आसार बुरे हैं फुरकत में, मालूम नहीं क्या होना है।
बहना कुछ अपनी चश्म का दस्तूर हो गया,दी थी खुदा ने आँख पर नासूर हो गया।
वो अश्क बन के मेरी चश्म-ए-तर में रहता है,अजीब शख़्स है पानी के घर में रहता है।
तूफान के बादल इकट्ठे हो सकते हैं और तारे टकरा सकते हैं लेकिन मैं आपको समय के अंत तक प्यार करता हूं।

Propose day shayari hindi 

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